Friday, July 31, 2015

छत


आसमां कितना भी 
बड़ा हो जाए ,
कितनी भी 
बाँहें फैला ले ,
धूप ,पानी ,आँधी 
से बचना पड़ता है !

हम सबको अपने
 माथे के   ऊपर 
एक छत रखना 
होता है !!

- सीमा 

आओ दर्द सांझा कर लें



एक अंजाना सा दर्द 
अक्सर दवाब 
डालता है मेरे दिल पे 
उस दर्द का कोई 
नाम ,पता नहीं !

कुछ दिनों पहले 
तुमने अपना उदास 
चेहरा रखा था मेरी 
गोद मे और 
मेरे लाख पूछने पे भी 
तुम कुछ ना कह  पाए !

पर दबे पाँव
 तुम्हारा  दर्द 
समा  गया था 
मेरे दिल में !

हाँ ,तभी से
 मैं भी रहने लगी 
हूँ गुमसुम !

आओ हम दर्द 
साँझा कर लें !
गम को बाँट कर 
अाधा - आधा कर लें !!

- सीमा 

Wednesday, July 29, 2015

चाँद

वो चाँद बड़ा 
हसीन है  ,
सबकी 
आँखों  का 
वो तारा है  ,

बड़ी मासूम सी  है  ,
उसकी मुस्कराहट 
किस ने उसे 
जन्नत से 
उतारा  है  !!


- सीमा 


सुकून

तेरा जिक्र भी 
दे जाता है 
सुकून मुझे 
कि तू ना 
होकर भी 
मेरे आसपास 
होता है !!

- सीमा 

Tuesday, July 28, 2015

मन का आसमान


उदास से दिन ,
उदास सी  राते !


 खुशियो के  बादलो की
कोई सुगबुगाहट नहीं

मन का आसमान
ऐसा कि  जाने कब
 बरसने लगे
आँखों से बूँदे !!

वो थोड़े दिन
जब तुम बदले
नहीं थे
थे  कितने
खुशनुमा

पर जब से तुम
रहने लगे हो
गुमसुम

मेरे  भी
दिन ,रात
हो  गए है
सूने , सूने !!

- सीमा

मन की जमीन

मन की 
गीली जमीं पे 
पाँव रख के 
जब भी 
बाहर कहीं 
निकलती हूँ 
निशां पावों के 
 बोल  जाते हैं 

किन रस्तो से मैं 
 गुजर के 
 आई हूँ !!

- सीमा 

गहराई

उलीचती हूँ खुद को 

बार - बार मै  ,

फिर भी इसे 
भरा ही 
पाती हूँ !

ना  जाने 
कितनी गहराई 
है  भीतर 
हर बार कुछ 
छोड़ कर 
ही आती हूँ 

- सीमा 

अफसाना


वह  क्या खूब 
लिखती थी ! 

वो लिखती थी 
मोहब्बत के 
अफ़साने !

शब्दों को अदा से
 बिखेरती थी ,

वर्षो को जी 
लेती थी 
लम्हों में ,
ख्यालो को 
सजाती थी 
चुन ,चुन के !

मोहब्बत उसके
 चेहरे से
झलकती थी !


वो बहुत
 इत्मीनान थी ,
उसके कांधो पे 
सर  टिका के 
और मै बैचैन थी 

कि अक्सर 
देखा है 
दर्द में डूबे 
नज्मों को 
मोहब्बत की 
जमी से
 निकलते हुए !!

खुदा, उनकी 

हिफाजत करना !!


- सीमा 

Saturday, July 25, 2015

तकदीर


उसने  तकदीर
छुपा रखी  है 
मेरी मुट्ठी में ,

 मेरी हथेली मे 
अपने सुबहो - शाम 
पढ़ता है !!

-  सीमा 

Friday, July 24, 2015

इश्क


चलो इश्क़ को
एक बेहतर
मुकाम तक 
छोड़ आए
कि आंधियो में ये
बिखर ना जाए कहीं !!
- सीमा

जादू या भ्रम




मन के आँगन में 
वो  थिरक रही है  ,
बाँसुरी के मधुर धुन 
सी  बज रही है  । 
   
साँसों के सरगम में 
उथल ,पुथल है 

दिल के तारो को 
छेड़ती  जा  रही है । 

उफ्फ !ये जादू सा 
क्या छा रहा है ,
वो परी है या 
कोई अप्सरा है । 

चलो छू के 
उसे देख लूँ मैं 

है ये जादू या भ्रम  
तौल लूँ मै !!
- सीमा 

Thursday, July 23, 2015

बचपन


 फिर से जी लेना 
चाहती हूँ 
बचपन को 
मरने से पहले !

कितना कुछ  था 
जिसे  बचपन ने 
दूर से ही देखा 
या बाद में जाना !

जैसे मेले से 
कोई बिना 
कुछ लिए ही   
लौट आया हो 
और मन अटका हो 
वही मेले के ठेलों में !

सच ,जिन्दगो की एक 
प्यारी तस्वीर है   बचपन !

बच्चो को पलने  दो 
इसकी छाँव में !

मत समेटो इसे ,
मत  बाँधो इसे ,
मत बर्बाद होने दो 
एक प्यारी कहानी को ,
मत उदास होने दो 
किसी की जिंदगानी को !!

- सीमा 

प्रेम


 तुम रक्त शिराओं में 
यूँ बस गए हो 
कि तुम्हारे ना
होने से लहू 
पानी हो जाता है !
हाँ , तुम 
लहू में समाए 
लाल रंग हो !

तुम प्रेम हो प्रेम !!
- सीमा -

Monday, July 20, 2015

खुशी

  ख़ुशी 
******

मै ,
खुश रहना 
चाहती हूँ 
 हर पल 

इसलिए 
मिलती हूँ
 फूलों से ,

खेलती हूँ 
हवाओँ  से.

चहक लेती हूँ 
पंछियों के   साथ। 

किसी गीत के 
बोल गुनगुनाती हूँ ,

किसी दीवाने के 
  मन मे डुबकी 
लगाती हूँ 
और
रंग देती हूँ 
शब्दों को 
इश्क के 
रंग में  !!

मै ,
हकीकत की 
जमीन को 
ठोकर मार के 


थोड़ी दूर 
ख्वाबो के 
साथ उड़ 
जाती  हूँ !!

बस इसलिए 
कि मै 
ख़ुश रहना 
जानती हूँ !!


- सीमा 









अंतर्मन


मै कुछ  तुम पर 
लिखती हूँ ,

 तुम भी कुछ 
मुझ पर 
लिखो ना !!


बहुत कुछ 
अव्यक्त है 
आओ इसको 
पढ़ो ना !

कुछ रहस्य 
 निकल आए 
कहीं ,

कुछ उलझा 
सुलझ जाए
 कहीं ,

अब तक जो 
बिखरा पड़ा था 
वो मन संवर 
जाए
 कहीं ,

मै कुछ  तुम पर  
लिखती हूँ ,

 तुम भी कुछ 
मुझ पर 
लिखो ना !

- सीमा 


Saturday, July 18, 2015

मन


जरा,जरा सा
संवार दो तो

संवर जाता है
घर का बिगडा
चेहरा और
जरा सी
अनदेखी कर दो तो
बिखर जाता है ये...
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मन भी तो
ऐसा ही होता है ना !!
‌- सीमा

चाँद

चाँद
*********
घबड़ा गया था चाँद ,
एक साथ
कितनी निगाहें
थी उस पर ,

 छुप बैठा वो
बादलो में जाकर !!
- सीमा

Friday, July 17, 2015

किसी बहाने से



वो मिलती रही उसे 

पत्तो में ,

फूलो में ,

बादलो में ,

शोख हवाओ में ,

हिरणी की  चाल में ,

तितलियों के रंगो में 

वो कब तन्हा रहा 

कि वो हर वक़्त 

उसे एहसास 
दिलाती रही कि 
इश्क़ इसी को 
कहते है !!

हाँ , आजकल 
हर पल 
वो रहती है 
 आसपास 

किसी बहाने  से  !!

- सीमा 






हौसला



बिना पंखो के 
आसमां पे 
नहीं उड़ सकते 

पर हौसला इतना 
बुलंद है कि कहीं 

पंख उग ही आए
कांधो पर !!

- सीमा 

फिक्रमंद


फिक्रमंद हूँ

 उनके लिए मै !
कि बड़ी पाक 
मोहब्बत है 
उनके दिल में !!
- सीमा 

बागवान

दो कलियों की 
करी रखवाली ,
जाग,जाग कर मैंने 

आज वो खिल 
रही हैं ,
निरख रही 
हूँ मै   !!

- सीमा 

Thursday, July 16, 2015

सादे पन्नें



तुमने पूछा मेरा हाल 
मैंने भेज दिए कुछ 
सादे पन्ने !!

मुझे पता था 
उन सादे पन्नो से  
पढ़ लोगे तुम 
मेरे अनकही 
बातो को ,
पर
तुम भी कहाँ 
कुछ लिख   पाए 
और भेज दिया 
सादा ही !

मैंने भी 
पढ़ ली है 
उन  सारी 
अनकही बातो को  

तभी तो 
आँखों से 
बहते सावन से   
भींग गए हैं वो 

 सादे पन्ने !!

- सीमा 

Wednesday, July 15, 2015

जिंदगी

यूँ ही 
कुढ़ते - भूनते

ख़त्म हो 
जाती है 
जिंदगी !

हम अच्छे 
पलो को 
दफ़न कर
 आते हैँ और 
बुरे वक़्त के 
बोझ को 
उठाए फिरते हैँ 
काँधो पे !!

- सीमा 

तस्वीर


उस दिन तुमने 
यूँ ही अनजाने में 
नहीं बनाई होगी 
मेरी तस्वीर ,

जरूर मेरी याद 
गहराई होगी और 
मुझे अपने
 बहुत पास
 लाने खातिर 
तुम खीचते गए होंगे 

मुझे अपनी 
उँगलियों से !!

- सीमा 



जरा सा प्यार

वो जरा सा प्यार 
जो उसने  तुमसे 
पाया था 
अभी तक 
बसा    है 
उसके  गालों की 
लाली में ,

यूँ तो जिंदगी की 
भाग दौड़ में
कितनी ही 
 कीमती चीजें 
गुम हो जाती हैं !!
- सीमा 

कहानी


एक पूरी कहानी 
पल रही है 
जेहन में 
टुकड़े ,टुकड़े में 

क्या लिखूँ !!

- सीमा 

Tuesday, July 14, 2015

उसने कहा

उसने कहा 
*********
उसने कहा 
उदासी ना लिखो ,

लो मैंने अपनी 
लेखनी में 
लाल रंग 
भर लिया !!

पहले था जो 

समंदर सा नीला 

अब वो प्रेम में 

रंग कर 
चटकीला हो  गया !!

- सीमा 


इश्क


आज इश्क़
 मुझमें 
समा गया है !

वो आसमां से 
जमी पे
 आ गया है !!

- सीमा 

खुदा

किसी की सूरत मे 
खुदा नजर आना ,

इस इबादत को 
मुश्किल है 
औरो को समझाना !!

- सीमा 

सोख्ता कागज

कुछ उदास कहानियाँ 
 जो कल तुमसे बाँटी थी ,
वो अब जिंदगी से 
गायब हो चुकी  है!

कही तुम वो 
 सोख्ता कागज़ 
तो नहीं !!!!
- सीमा 

हालात

वही हालात
 अब भी है ,
पर तेरे साथ का
 है जादू !
शब्द अब
 किरचों की तरह 
नहीं चुभते !!

- सीमा 

Thursday, July 9, 2015

ओस

वो ओस की
बूँद सी रोज

टपकती थी ,
वो हरी दूब सा

बिछा रहता था
उसे आगोश में
भरने को !!

- सीमा

नजर



तेरी हर एक बात की 
मैं खबर रखती हूँ ,
आँखों से नहीं 
दिल से ,
तुझ पे 
नजर रखती हूँ !!
- सीमा 

Tuesday, July 7, 2015

चालीस के  दहलीज पर 


चालीस साला औरतो के अंदर  ही
जीती रहती है बीस साला लड़कियाँ
पहले से ज्यादा सुन्दर ,तेज और बहादुर
हो जाती हैं वो ,
क्यूंकि उनके साथ 
खड़ी रहती है
चालीस साला औरतें !!
- सीमा

Sunday, July 5, 2015

खुशियाँ

अपने हिस्से की
 कुछ खुशियाँ ,

बाँट डाली थी
कल जमाने में 
खिलखिला रहे हैं ,

सब  अपने घर में 
खुश  हूँ मै
 आज इसी 
बहाने से !!

- सीमा